प्रशिक्षण गतिविधियां

1. संस्थागत प्रशिक्षण  

(क)    कॉलेजों और स्कूलों में होने वाला संस्थागत प्रशिक्षण एन सी सी प्रशिक्षण का मुख्य आधार है और एसोसिएट एन सी सी अफ़सरों एवं सशस्त्र बलों के कार्मिकों द्वारा संचालित किया जाता है। इसके पाठ्यक्रम में सामान्य विषय और सैन्य विषय 70:30 के अनुपात में होते हैं। एस डी/एस डब्लू का प्रशिक्षण 03 वर्षों का होता है जिसमें 300 कक्षाएं होती हैं जबकि जे डी/जे डब्लू का प्रशिक्षण 02 वर्षों का होता है और उसमें 240 कक्षाएं होती हैं। प्रशिक्षण वर्ष 1 अप्रैल से 31 मार्च तक होता है। कैडेटों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम इस तरह बनाया जाता है कि संगठन का अधिकतम लाभ अधिक से अधिक कैडेटों तक पहुंच सके। व्यावहारिक प्रशिक्षण पर अधिक बल दिया जाता है। प्रशिक्षण की केस अध्ययन पद्धति, जहां कहीं संभव हो, सक्रिय भागीदारी और पारस्परिकता को सहज बनाने वाली होती है।

(ख)    संस्थागत प्रशिक्षण में कैडेटों को पाठ्यक्रम के हिस्से के रूप में बुनियादी सैनिक प्रशिक्षण देना और उन्हें सैन्य बलों में भर्ती होने के लिए तैयार करना शामिल है। इस प्रशिक्षण के निम्नलिखित विशिष्ट उद्देश्य हैं:-

(i)      पहला, युवा कैडेटों को "रेजीमेंट जीवन पद्धति" से परिचित कराना है जिससे उनके मन में अनुशासन, कर्त्तव्य, समय की पाबन्दी, सुव्यवस्था, चुस्त रहना, अधिकारियों को सम्मान देना, काम करने में उत्साह एवं आत्म विश्वास जैसे मूल्यों से अवगत कराया जा सके।

(ii)      दूसरा, संस्थागत प्रशिक्षण के ऐसे पहलुओं पर बल देना तथा जो युवा कैडेटों में एनसीसी के प्रति रुचि जागृत करे एवं आकर्षित करे तथा उनमें यह रोमांच और उत्साह भर सके।

  (iii)     तीसरा, रक्षा सेवाओं की कार्य प्रकृति को कैडेटों में समाहित करना जो कर्मठता, उद्देश्य के प्रति  ईमानदारी, सत्यवादिता, निस्वार्थ सेवा का आदर्श, श्रम की महिमा, धर्म निरपेक्ष दृष्टिकोण, सहचर्य, साहस एवं खेल भावना से ओत-प्रोत है।

2.   शिविर प्रशिक्षण – शिविर प्रशिक्षण संस्थागत प्रशिक्षण का व्यावहारिक प्रदर्शन है। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य कैडेटों को रेजीमेंट जीवन शैली से अवगत कराना तथा उनमें साहचर्य, टीम भावना, नेतृत्व गुण, आत्म विश्वास, आत्म निर्भरता एवं परिश्रम के महत्व की समझ बढ़ाना है। कैडेटों को शिविर के उत्साहमय जीवन का अनुभव होता है जहां वे संस्थागत प्रशिक्षणों में अर्जित सैद्धांतिक ज्ञान का अनुप्रयोग करते हैं। एन सी सी में नामांकन के दौरान जेडी/जेडब्लू कैडेटों के लिए न्यूनतम एक शिविर एवं एसडी/एस डब्लू कैडेटों के लिए न्यूनतम दो शिविरों में शामिल होना अनिवार्य है। एन सी सी प्रति माह 100 शिविरों की औसत से एक वर्ष में 1450 से अधिक शिविरों का आयोजन करता है। प्रत्येक एन सी सी शिविर के आयोजन में लगभग 400-600 कैडेट होते हैं तथा 03-04 अधिकारी, 15-20 (एसोसिएट एन सी सी अफ़सर) (ए एन ओ)/स्थायी अनुदेशक (पी आई स्टाफ़)/पूर्ण कालिक महिला अधिकारी(डब्ल्यू टी एल ओ)/छात्रा  कैडेट अनुदेशक (जी सी आई) शामिल होते हैं। प्रति वर्ष शिविरों में 07 लाख से अधिक कैडेट भाग लेते हैं। गणतंत्र दिवस शिविर एन सी सी प्रशिक्षण की सर्वोच्च गतिविधि है। इसका आयोजन प्रतिवर्ष जनवरी में किया जाता है।

3. अटैचमेंट प्रशिक्षण – सशस्त्र सेना यूनिटों के साथ अटैचमेंट से कैडेटों को महत्वपूर्ण मूल्यों का ज्ञान होता है। जहां वे सेना यूनिटों के कार्यों और सशस्त्र सेना यूनिटों में जीवन का अनुभव प्राप्त करते हैं। सभी स्कंधों के कैडेटों को उनसे संबंधित सशस्त्र सेना की सेवाओं के साथ कुछ अवधि के लिए अटैचमेंट पर भेजा जाता है।

4.  समाज सेवा एवं सामुदायिक विकास

          समाज सेवा गतिविधियों की संरचना इस प्रकार की गई है कि कैडेट अपने सामाजिक परिवेश में सुधार लाने के लिए स्वेच्छा से भागीदारी करने को प्रेरित एवं उत्साहित हों और वे अपनी ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण की ओर लगा सकें।

          समाज सेवा एवं सामुदायिक विकास गतिविधियों में स्वच्छ भारत अभियान, वृक्षारोपण नशा रोधी रैली, कैंसर जागरुकता, आपदा राहत, रक्त-दान, बेटी-बचाओ-बेटी-पढ़ाओ, एड्स जागरुकता, नेत्रहीनों की सहायता, यातायात नियंत्रण एवं अन्य संबंधित सामाजिक मुद्दें शामिल हैं।

          समाज सेवा के उद्देश्य निम्न प्रकार से हैं:-

  1. कैडेटों को श्रम का महत्व सिखाना एवं समुदाय के लिए उपयोगी एवं रचनात्मक कार्य में रुचि पैदा करना।
  2. निस्वार्थ सेवा एवं टीम के रुप में काम करने का उदाहरण प्रस्तुत करना।
  3. लोगों के बचे हुए समय, ऊर्जा और अन्य संसाधनों का अधिकतम उपयोग एवं उन संसाधनों को सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों के विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग लाने के उद्देश्य से संगठित कार्य को बढ़ावा देना।

5.   युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम एनसीसी के चयनित कैडेट युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम में भाग लेते हैं। इसमें युवा संगठनों के कैडेटों का एक देश से दूसरे देश में आना-जाना होता हैं। कैडेट एक दूसरे के सामाजिक-आर्थिक और सांस्कृतिक मूल्यों को समझने तथा और अधिक जानकारी प्राप्त करने करने के लिए मेजबान देश की एनसीसी गतिविधियों में भाग लेते हैं। एनसीसी का दस देशों के साथ प्रभावशाली युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम के लाभ व्यापक रुप से  स्वीकार किए गए हैं। हमारे कैडेट युवा आदान-प्रदान सहभागियों के साथ एक मजबूत रिश्ता रखते हैं। युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम में 100 से भी अधिक कैडेट प्रतिवर्ष विदेशों की यात्रा करते हैं।

6.    एडवेंचर गतिविधियों के लिए शिक्षण – एडवेंचर युवाओं का प्राण है। एन सी सी का एडवेंचर प्रशिक्षण कैडेटों को शिविर परिस्थितियों में स्थल विशेष (टोपोग्राफ़ी) की जानकारी के साथ-साथ विभिन्न जलवायु परिस्थितियों में रहने और साहसिक जीवन जीने का अनुभव प्रदान करता है। इसका संपूर्ण उद्देश्य एन सी सी कैडेटों में साहस की भावना, अन्वेषणीय जिज्ञासा, सामर्थ विकास, सहनशीलता, अनुशासन, साहस, दृढ़ निश्चय, सहचर्य, आत्म-विश्वास विकसित  करने के लिए नेतृत्व भावना, टीम भावना और टीम में उत्साह जागृत करना है। एन सी सी कैडेटों को अनेक साहसिक गतिविधियों जैसे पर्वतारोहण अभियान, ट्रेकिंग, पैरा सेलिंग, सेलिंग, स्कूबा डाइविंग, क्याकिंग, कैमल सफ़ारी आदि में भाग लेने के अवसर प्रदान करता है। साहसिक गतिविधियां कैडेटों के नेतृत्व कौशल और उनके चारित्रिक गुणों में वृद्धि करती है एवं प्रतिभाशाली कैडेटों को ऐसे अभियानों में भाग लेने के अवसर प्रदान करती है जिनमें उच्च-स्तर की निपुणता और कार्य कुशलता की आवश्यकता होती है।

7.   खेल -  एन सी सी प्रतिभावान कैडेटों को फ़ुटबॉल, हॉकी एवं निशानेबाजी जैसे उच्च संभावना वाले खेलों में भाग लेने की सुविधा प्रदान करता है ताकि वे टीम भावना एवं खेल संबंधी अपना कौशल बढ़ा सकें। एन सी सी टीमें नियमित रूप से सुब्रतो कप फ़ुटबॉल, नेहरू कप हॉकी एवं राष्ट्रीय निशानेबाजी जैसे राष्ट्र स्तरीय खेलों में भाग लेती हैं और उत्कृष्ट प्रदर्शन करती है। सभी एन सी सी निदेशालयों से एन सी सी कैडेट राष्ट्र स्तर पर विभिन्न खेल गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं।